स्वर्ण युग की गाथाएं,
चन्द्र-समुद्र की गुप्त धाराएं
विक्रमादित्य और कुमार-स्कन्द,
गुप्त वंश के ये पांच महान मकरन्द
प्रयाग प्रशस्ति,
समुद्र की महासागर स्तुति,
कर्तृपुर-नेपाल और कामरूप का विजेता,
उत्तरापथ-दक्षिणापथ ने स्वीकारी अधीनता।
कला-साहित्य और ज्ञान विज्ञान में उन्नत,
संस्कृत पंक्ति का हुआ एक शब्द में प्रोन्नत,
पृथ्वी की सूर्य-परिक्रमा,
दाशमिक पद्धति का अनुप्रयोग,
गूढ़ रहस्य बतलाते महान गणितज्ञ आर्यभट्ट।
फाह्यान,
एक चीनी बौद्ध भिक्षु,
शांति का पाठ सीखने,
भारत पहुँचा।
लड़ाकू यवन-हूण,
हिंद विजय को पाटलिपुत्र आ धमके,
बिना आहट के,
सहजता से,
विदेशी यवन-कुषाण लड़ाके,
विशाल हिन्दुत्व सागर में विलीन।
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