राष्ट्र का अभिमान,
नागरिक का स्वाभिमान,
राष्ट्र का उत्थान,
युवा-शक्ति का शिखरोन्न्यन,
राष्ट्र का उन्नति,
नारी-शक्ति की प्रगति,
राष्ट्र निर्माण की आहुति,
जन-जन की कर्म सुमति,
जन-गण की सुगति-सुमति का सार,
भारत राष्ट्र तेरे आत्म का प्रचार-प्रसार
राष्ट्र का वैश्विक ध्येय ‘वसुधैव कुटम्बकम’
राष्ट्र का मानवीय भाव ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’
राष्ट्र का सेवाभाव ‘अतिथि देवो भव’
राष्ट्र का राष्टीयता भाव ‘सत्यमेव जयते’
राष्ट्र का चेतना भाव ‘वन्देमातरम्’
राष्ट्र का सूक्ष्म चित्त भाव ‘अहिंसा परमो धर्मः’
राष्ट्र का नारीत्व भाव ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता’
राष्ट्र का वीरत्व भाव ‘वीर भोग्या वसुंधरा’
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