वृक्ष छाल-पत्रों का संकलन,
पुष्प-पत्रों के रंग से अंकन,
खग-पंख से लेखन,
हुआ पाण्डुलिपियों का वंचन,
वेदोपनिषद और पुराणों का संकलन,
पाठशाला में शिष्यों का वाचन-मंचन,
तक्षशिला से चला उच्च शिक्षा का अभियान,
प्रबुद्ध भारत का युग महान,
सोलह महाजनपदों का स्रोत-सूत्र,
अंगुत्तर निकाय और भगवती सूत्र,
मगध कोसल वत्स और अवन्तिका
नवीन धर्म प्रवर्तकों का युगोत्थान
बौधगया और मृगदावन से ज्ञनोत्थान
केन्द्रित ज्ञानकुंज,
वर्धमान और सिद्धार्थ का प्रकाश पुंज,
वर्धमान-महावीर की कठोरता,
सिद्धार्थ-गौतम बुद्ध की कोमलता,
मठ-विहार नवीन आश्रम,
सामाजिक आंदोलनों का अथक परिश्रम,
राजगीरह से पाटलिपुत्र की राजपथ यात्रा,
बिंदुसाराजातशत्रु से उदयन की जीबन जात्रा
वैशाली से मैसूर
दिगम्बर और श्वेताम्बर
कुशीनगर में बुद्ध की सद्गति
राजगृह, वैशाली, पाटलिपुत्र और कश्मीर तक बौद्ध संगति।
हीनयान वामवर्त
महायान एशियायी लोक धर्म,
कंधार और मथुरा शैली,
गढ़ी बुद्ध की मूर्ति शैली,
शक-कुषाण आक्रांता आए,
ढलवाते शिव-नंदी युक्त स्वर्ण-चांदी मुद्राएं,
और भारत में शक संवत् चलवाते।
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